उत्तर बस्तर कांकेर में सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी: टेकमीटोला के जंगलों से 5 किलो का प्रेशर कुकर IED बरामद, BDS टीम ने मौके पर किया डिफ्यूज
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग अंतर्गत उत्तर बस्तर कांकेर जिले के घोर नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्र में सुरक्षा बलों को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना छोटेबेठिया क्षेत्र के ग्राम टेकमीटोला के जंगल और पहाड़ी इलाके में चलाए जा रहे एक संयुक्त सर्चिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों ने नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से छिपाकर रखा गया लगभग **5 किलोग्राम** वजनी एक खतरनाक प्रेशर कुकर आईईडी (IED) बरामद किया है। मुस्तैद बम निरोधक दस्ते (BDS) की टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए इसे मौके पर ही सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज (निष्क्रिय) कर नष्ट कर दिया, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।
टेकमीटोला की पहाड़ियों में छुपाया था मौत का सामान, संयुक्त टीम ने किया नाकाम
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत रविवार 14 जून 2026 को जिला पुलिस, सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बम निरोधक दस्ते (BDS) की एक संयुक्त टीम छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के ग्राम टेकमीटोला के जंगलों में गश्त पर निकली थी।
जवान जब जंगल और पहाड़ी रास्तों पर अतिरिक्त सतर्कता बरतते हुए आगे बढ़ रहे थे, तभी एंटी-सबोटैज चेकिंग के दौरान जमीन के नीचे संदिग्ध रूप से दबाकर रखा गया एक प्रेशर कुकर बम बरामद हुआ। वजन करने और तकनीकी जांच में पाया गया कि यह करीब 5 किलो का शक्तिशाली आईईडी था। संभावित खतरे और जवानों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बीडीएस के एक्सपर्ट्स ने तुरंत मोर्चा संभाला और जंगल के भीतर ही कंट्रोल्ड ब्लास्ट (सुरक्षित विस्फोट) के जरिए बम को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस और बीएसएफ अधिकारियों के मार्गदर्शन में चल रहा है महा-अभियान
कांकेर जिले के अंदरूनी और सीमावर्ती इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ यह व्यापक अभियान बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) श्री सुन्दरराज पी. के कड़े निर्देशन में चलाया जा रहा है। इसके साथ ही ऑन-ग्राउंड ऑपरेशन्स को कांकेर पुलिस अधीक्षक (SP) श्री निखिल राखेचा, डीआईजी बीएसएफ (भानुप्रतापपुर) श्री दीपक तिवारी एवं 94वीं वाहिनी बीएसएफ के सेनानी (कमांडेंट) श्री रविन्द्र सिंह चंदेल का निरंतर तकनीकी व रणनीतिक मार्गदर्शन मिल रहा है, जिससे जवानों के हौसले बुलंद हैं।
बीएसएफ (BSF) और बीडीएस अधिकारियों ने किया ऑपरेशन का नेतृत्व
टेकमीटोला के दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों वाले जंगलों में इस बेहद संवेदनशील और सफल ऑपरेशन को जमीन पर उतारने वाली टीम का नेतृत्व मुख्य रूप से निम्नलिखित अधिकारियों ने किया:
- रमेश कुमार रजक (सहायक कमांडेंट, बीएसएफ)
- सुमन कंथोसू (इंस्पेक्टर, बीएसएफ)
- रोशन लाल मीणा (उप निरीक्षक, बीएसएफ)
सुरक्षा एजेंसियों और रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह आईईडी समय रहते ट्रेस नहीं होता, तो नक्सलियों द्वारा किसी बड़े विस्फोट या एम्बुश के जरिए सुरक्षा बलों को बड़ी क्षति पहुंचाई जा सकती थी। जवानों की सूझबूझ से नक्सलियों की यह खूनी साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई है।
नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण, सीमावर्ती इलाकों में गश्त तेज
कांकेर जिला पुलिस प्रशासन ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि मानसून और भौगोलिक चुनौतियों के बीच भी धुर नक्सल प्रभावित और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा बलों द्वारा पूरी मुस्तैदी, अतिरिक्त सतर्कता और आधुनिक उपकरणों के साथ संयुक्त सर्चिंग अभियान लगातार चलाया जा रहा है। बस्तर के अंदरूनी गांवों में लगातार स्थापित हो रहे नए कैंपों और कड़े सुरक्षा घेरे के चलते नक्सली बैकफुट पर हैं और उनकी हिंसक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है। क्षेत्र में स्थायी शांति, विकास और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कॉम्बिंग ऑपरेशन आगे भी इसी आक्रामकता के साथ जारी रहेगा।



